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एम.आई.सी. सदस्य अजीत कुकरेजा ने बताया की पोला त्योहार छत्तीसगढ़ की संस्कृति का प्रतीक है

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खरीफ फसल की बुआई-जुताई का जश्न \'पोला\' शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के इस पारंपरिक पर्व पर आज खम्हारडीह गांव स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 


खम्हारडीह सार्वजनिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति द्वारा हर साल की तरह इस साल भी पोला महोत्सव के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ी खेल कूद का आयोजन किया गया। 

समिति के अध्यक्ष जगदीश साहू जी ने बताया की कार्यक्रम में बोरा दौड़, तिटंगी दौड़, शटल दौड़, गेडी दौड़, स्लो साइकल रेस, कुर्सी दौड़, रस्सा खिच आदि खेलों का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम आयु 15 वर्ष के नीचे की केटेगरी एवं 16 वर्ष से 30 वर्ष के केटेगरी के प्रतिभावों में प्रतियोगिता हुई। हर केटेगरी - हर खेल में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय विजेता को अतिथियों के द्वारा पुरस्कार भी दिया गया। 




कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित पार्षद एवं एम.आई.सी. सदस्य अजीत कुकरेजा ने बताया की पोला त्योहार छत्तीसगढ़ की संस्कृति का प्रतीक है। इस तरह के पारंपरिक त्योहार में खेल कूद का आयोजन कराने से बच्चो में अपने त्योहार एवं खेल के प्रति रुचि बढ़ती है साथ ही युवा साथी अपनी संस्कृति एवं अपने इतिहास को और करीब से जानने लगते है। 


कार्यक्रम में पार्षद एवं जोन अध्यक्ष प्रमोद साहू, समिति के अध्यक्ष जगदीश साहू जी, स्थानीय पार्षद रोहित साहू, दिनेश साहू, सेवा राम साहू, वीजेंद्र यादव, बेला साहू, पुष्पा साहू, श्रीवास, रजत साहू आदि उपस्थित थे।